शनिवार, 24 दिसंबर 2011

किराया नियंत्रण कानून


किराएदारों के अधिकारों की रक्षा के लिए बना किराया नियंत्रण कानून

1992 में केन्द्र ने बनाया किराया नियंत्रण के लिए माडल एक्ट

माडल एक्ट में उत्तराधिकार संबंधी मौजूदा प्रावधान से में बदलाव की बात

गिनेचुने राज्यों ने ही लागू किया किराएदारी का माडल एक्ट

महाराष्ट्र के नए कानून में विवादों से निपटने के पर्याप्त प्रावधान

दिल्ली, तमिलनाडु और कर्नाटक के किराया नियंत्रण कानून में भी विवादों के हल का प्रावधान

राज्य किराया कानूनों में किराए की मानक दरें लागू करने का प्रावधान

मकान के मालिकाना हक और उत्तराधिकार तय करने के प्रावधान भी है राज्य किराया कानूनों में

कोई सम्पत्ति किराए या पट्टे पर देने के लिए तय फार्म भरना जरुरी

फार्म पर किराएदार और मकान मालिक के हस्ताक्षर अनिवार्य

करार होन पर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य

दोनों पक्षों के पास होनी चाहिए करार की प्रति

करार में पट्टे की अवधि, मासिक किराए और जमानत की राशि का उल्लेख अनिवार्य

मकान वापस मालिक को सही हालत मिले, कोई टूट-फूट या बड़ा बदलाव न किया गया हो

कोई बदलाव मकान मालिक को मंजूर नहीं तो उसे पहले की स्थिति में लाने का जिम्मा किराएदार का

मकान खाली करते समय किराएदार अपने बिजली और टेलीफोन बिल चुका ले

1959 में लागू हुआ दिल्ली किराया नियंत्रण कानून

3500 रुपए तक के मासिक किराए वाले सम्पत्ति पर लागू होता है यह कानून

50-150 रुपए मासिक किराए वाली कई सम्पत्तियां दिल्ली के पाश इलाकों में

दिल्ली किराया नियंत्रण कानून में हर तीन साल पर 10 फ़ीसदी वृद्धि का प्रावधान 1988 में शामिल

1995 में लाया गया नया दिल्ली किराया कानून विरोध के कारण लागू नहीं

अप्रैल 2010 में सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले से मकान मालिकों को राहत

निजी ज़रुरत होने पर मकान खाली करने का नोटिस दे सकते हैं मालिक

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